प्रकृति परीक्षण ऐप(prakrti parikshan app) से चलेगा आपकी प्रकृति(Health) का पता, चंबा जिला में 9000 लोगों का होगा प्रकृति परीक्षण

News88 Network, Chamba : जिला चंबा में लोगों का प्रकृति परीक्षण करने को लेकर पंजीकरण अभियान शुरू किया गया है। आयुर्वेद के मुताबिक प्रकृति परीक्षण किसी व्यक्ति के शरीर की प्रकृति को तय करने का एक तरीका है। यह परीक्षण व्यक्ति के उत्तरों के आधार पर जीवनशैली के सुझाव भी देता है। आयुष मंत्रालय ने देश का प्रकृति परीक्षण अभियान शुरू किया है। इस अभियान के जरिए लोगों को उनकी प्रकृति के बारे में जानकारी दी जाती है और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी सलाह दी जाती है।

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चंबा जिला में अब तक किया जा चुका है 1400 लोगों का पंजीकरण

जिला चंबा में अब तक करीब 1400 लोगों का पंजीकरण किया जा चुका है। इस अभियान के तहत आम लोगों को अपने आसपास के आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर अपना पंजीकरण करवाना होगा। इसके बाद प्रकृति परीक्षण ऐप के माध्यम से ही उन्हें अपने शरीर की प्रकृति के बारे में पता लगेगा। जिला आयुष अधिकारी ने बताया कि इस अभियान का पहला चरण 26 नवंबर को शुरू हुआ है तथा यह 25 दिसंबर तक चलेगा। इस अभियान में देश भर में एक करोड़ से ज्यादा लोगों का प्रकृति परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद उन्हें आयुष पद्धति से उपचार की जानकारी प्रदान की जाएगी। इसी कड़ी में वीरवार को उपायुक्त चंबा मुकेश रेप्सवाल का प्रकृति प्रशिक्षण अभियान के तहत पंजीकरण किया गया।


सही खान-पान की जानकारी व चिकित्सा सलाह मिलेगी

अभियान के संबंध में जानकारी देते हुए जिला आयुष अधिकारी सुरेंद्र सुमन ने बताया कि लोगों का खान-पान, व्यायाम और चिकित्सा सलाह उपलब्ध करवाने के लिए आयुष मंत्रालय की ओर से प्रकृति परीक्षण अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत जिला चंबा में नौ हजार लोगों का प्रकृति परीक्षण के लिए पंजीकरण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

क्यूआर कोड से मिलेगी जानकारी

जिला आयुष अधिकारी ने बताया कि प्रकृति परीक्षण के लिए आम जनता को इस ऐप से जोड़ा जाएगा तथा क्यू आर कोड के माध्यम से आम लोगों की जानकारी भरी जाएगी। लोगों को उन्हें अपने शरीर और स्वास्थ्य संबंधी कुछ आसान सवालों का जवाब देना होगा। उसके पश्चात उक्त व्यक्ति की प्रकृति (कफ,वात, पित) ज्ञात हो जाती है तथा उसी के अनुसार संबंधित व्यक्ति को खान-पान और उपचार बारे जानकारी प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि आयुष विभाग की ओर से प्रकृति परीक्षण के बारे में लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।  

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